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महाराष्ट्र के सांगली में इस्लामपुर शहर का नाम बदला, शिवसेना विधायक बोले- ’39 साल बाद पूरी हुई मांग’

महाराष्ट्र के सांगली जिले में इस्लामपुर शहर का नाम बदल दिया गया है। इस शहर को अब ईश्वरपुर नाम से जाना जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने मानसून सत्र के आखिरी दिन यह फैसला किया। इस पर खुशी जताते हुए इस्लामपुर के एक शिवसेना नेता ने कहा कि यह मांग 1986 से चली आ रही थी, जो लगभग 39 साल बाद पूरी हुई है। महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र 30 जून को शुरु हुआ था। 18 जुलाई को इसका समापन हुआ। सत्र के आखिरी दिन इस्लामपुर का नाम बदलने का फैसला किया गया। हिंदूवादी संगठन शिव प्रतिष्ठान ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस शहर का नाम बदलने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने यह फैसला किया है।

शिव प्रतिष्ठान के अध्यक्ष संभाजी भिड़े के समर्थकों ने कहा था कि जब तक उनकी यह मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। अब सरकार ने उनकी मांग पूरी कर दी है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर इस्लामपुर का नाम ईश्वरपुर हो जाएगा।

छगन भुजबल ने दी जानकारी

मंत्री छगन भुजबल ने महाराष्ट्र विधानसभा में इस्लामपुर शहर का नाम बदलने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि वह केंद्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजेंगे। वहां से अंतिम मुहर लगने के बाद शहर का नाम आधिकारिक तौर पर बदल दिया जाएगा। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की सरकार पहले भी कई शहरों के नाम बदल चुकी है। पिछले साल सरकार ने दो शहरों के नाम बदले थे। औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी नगर और उस्मानाबाद का नाम धाराशिव कर दिया था। पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने अहमद जिले का नाम बदलकर पुण्यलोक अहिल्यादेवी कर दिया था।

20 शहरों के नाम बदल चुकी है महाराष्ट्र सरकार

महाराष्ट्र में आजादी के बाद से लगभग 20 शहरों के नाम बदले जा चुके हैं। इनमें सबसे अहम मुंबई का नाम है, जो पहले बॉम्बे था। एक रिपोर्ट के अनुसार एक बड़े शहर का नाम बदलने में सरकार को लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

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