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लखनऊ में बनेगा नया मॉडर्न विधानभवन, एलडीए को डिजाइन तैयार करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक नए मॉडर्न लेजिस्लेटिव कॉम्प्लेक्स के निर्माण की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को प्रस्तावित नए विधान भवन परिसर का डिजाइन तैयार कर उसे मंजूरी के लिए योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों के अनुसार आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने 4 फरवरी 2026 को जारी निर्देश में एलडीए को मौजूदा लेजिस्लेटिव कॉम्प्लेक्स के विस्तार और नवीनीकरण को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत डिज़ाइन तैयार करने को कहा है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्राधिकरण ने सरकार के निर्देशों के अनुसार डिज़ाइन प्रेजेंटेशन तैयार करना शुरू कर दिया है और इसके लिए 15 अप्रैल 2026 की समय-सीमा तय की गई है।

उन्होंने कहा कि डिज़ाइन को मंजूरी मिलने के बाद किसी तय एजेंसी के माध्यम से प्रोजेक्ट की फीज़िबिलिटी स्टडी सहित अन्य प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जाएंगी। 2023 में भारतीय संसद के नए भवन के उद्घाटन के बाद उत्तर प्रदेश में भी आधुनिक विधानसभा परिसर बनाने की पहल को गति मिली। इसके लिए सरकार ने अहमदाबाद की एक कंपनी को शामिल किया है, जिसने नई संसद भवन के डिज़ाइन पर भी काम किया है।

गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2023-24 में इस परियोजना के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया था, लेकिन भूमि चयन अंतिम न होने के कारण योजना में देरी हुई। शहर के बाहरी क्षेत्रों में प्रस्तावित कई स्थान प्रशासनिक केंद्र से दूरी के कारण खारिज कर दिए गए थे।

इसी बीच गोमती नगर स्थित सहारा शहर क्षेत्र की लगभग 130 एकड़ भूमि अक्टूबर 2025 में चर्चा में आई, जब नगर निगम लखनऊ ने इस जमीन को सील कर दिया। यह भूमि मूल रूप से 1994-95 में आवासीय और वाणिज्यिक विकास के लिए आवंटित की गई थी। मौजूदा विधानभवन को इंडो-यूरोपीय वास्तुकला का एक प्रमुख उदाहरण माना जाता है।

इसकी नींव 15 दिसंबर 1922 को तत्कालीन गवर्नर ने रखी थी और इसका उद्घाटन 21 फरवरी 1928 को हुआ था। सरकार का मानना है कि नए नए विधानभवन के निर्माण से विधानसभा और विधान परिषद की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आधुनिक संसदीय कार्यप्रणाली को भी बेहतर आधार मिलेगा।

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