देशबड़ी खबर

केंद्र सरकार ने दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स लगाने को दी मंजूरी, कुल 3,936 करोड़ रुपये होंगे निवेश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी दी। इसमें 3,936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन परियोजनाओं को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत मंजूरी दी गई है। इनमें गैलियम नाइट्राइड प्रौद्योगिकी पर आधारित देश की पहली वाणिज्यिक मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई शामिल है।

ये इकाइयां गुजरात में 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (सीएमएल) गुजरात के धोलेरा में कंपाउंड सेमीकंडक्टर विनिर्माण और एटीएमपी (निर्माण तथा संयोजन, परीक्षण) की एकीकृत इकाई स्थापित करेगी, जहां मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल का उत्पादन किया जाएगा।

वहीं, सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) गुजरात के सूरत में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर संयोजन एवं परीक्षण (ओएसएटी) इकाई स्थापित करेगी, जहां डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर का निर्माण होगा। इन दो नई मंजूरियों के साथ देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को और मजबूती मिलेगी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जिनमें कुल निवेश लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये है।

मंत्रिमंडल ने कपास उत्पादकता बढ़ाने को 5,659 करोड़ रुपये के मिशन को दी मंजूरी

सरकार ने कपास क्षेत्र में घटती वृद्धि, उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मंगलवार को 5,659.22 करोड़ रुपये के एक पंचवर्षीय मिशन को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘कपास उत्पादकता मिशन’ (2026-27 से 2030-31) को मंजूरी दी गई। आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह मिशन कपास क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

नवीनतम अनुमानों के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में देश का कपास उत्पादन 170 किलोग्राम की गांठों के हिसाब से 291 लाख गांठ रहा है। बयान के मुताबिक, यह मिशन सरकार के ‘5एफ विजन’ यानी खेत (फार्म) से रेशा (फाइबर), फाइबर से कारखाना (फैक्ट्री), फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप है और इसका मुख्य जोर कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर रहेगा।

बयान में कहा गया कि उच्च उपज देने वाली और रोग-कीट प्रतिरोधी बीज किस्मों के विकास, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार और उनके व्यापक उपयोग के जरिए कपास की उत्पादकता बढ़ाई जाएगी। इसमें राज्य सरकारों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की भागीदारी होगी।

इस मिशन के तहत उद्योग को कम प्रदूषण वाला कपास उपलब्ध कराने और उच्च गुणवत्ता वाले कपास के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक कपास उत्पादन बढ़ाकर 498 लाख गांठ करना है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 440 किलोग्राम से बढ़ाकर 755 किलोग्राम करने की योजना है। इस पहल से करीब 32 लाख किसानों को लाभ मिलने और कपास क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस मिशन को कृषि मंत्रालय और वस्त्र मंत्रालय मिलकर लागू करेंगे।

इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 10 संस्थान, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का एक संस्थान और विभिन्न राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों में संचालित 10 समन्वित अनुसंधान केंद्र शामिल होंगे। शुरुआती चरण में 14 राज्यों के 140 जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। कपास से रुई निकालने एवं प्रसंस्करण करने वाली करीब 2,000 इकाइयों को भी मिशन से जोड़ा जाएगा।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button