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Flash Flood In Sikkim : सिक्किम में बादल फटने से तीस्ता नदी में बाढ़, 3 की मौत, सेना के 23 जवान लापता

तेजपुर: अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी बेसिन में अचानक बाढ़ आ गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और 23 सैन्यकर्मी बह गए. उन्होंने बताया कि बाढ़ देर रात करीब डेढ़ बजे शुरू हुई. सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा कि बचाव और राहत प्रयासों के दौरान सिंगतम से तीन शव बरामद किए गए हैं. एसएसडीएमए ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ल्होनक झील के कुछ हिस्सों में बादल फटने से बुधवार तड़के तीस्ता नदी बेसिन के निचले हिस्से में बहुत तेज गति से जल स्तर बढ़ गया. जिससे मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिले में कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए.

सिक्किम सरकार ने अलग-अलग इलाकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.
ईओसी – हेल्पलाइन नंबर – 03592-202461/201145
गंगटोक के लिए – 03592-284444, नामची – 03595-263734, मंगन 03592-234538, पाकयोंग – 03592-291936, सोरेंग – 8016747244, और ग्याशिंग – 03595-250888
सभी पर्यटकों के लिए – 7001911393 (सहायक निदेशक) और नोडल अधिकारी एनजीओ के लिए – 8101426284
आपातकालीन संपर्क के लिए – 9906200205 (नोडल सेना अधिकारी), आईटीबीपी के लिए – 03592-231340, एसएसबी – 03592-251015, एसडीआरएफ के लिए – 03592-220545, बीआरओ के लिए – 03592-259208, और सेना से संपर्क करने के लिए – 03592-202228

अचानक बाढ़ आने के बाद सेना के 23 जवान लापता

शिक्षा विभाग ने एक परिपत्र में कहा कि सिक्किम के चार जिलों में स्थित सभी स्कूल 8 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. रक्षा अधिकारियों ने कहा कि लाचेन घाटी में सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है. विवरण की पुष्टि करने के प्रयास जारी हैं. चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया.

रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने कहा ने बताया कि इसके कारण सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि सेना के तेईस जवानों के लापता होने की खबर है. इसके अलावा 41 वाहन कीचड़ में डूबे हुए हैं. उन्होंने बताया कि तलाशी अभियान जारी है. रक्षा अधिकारियों ने कहा कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने पहले ही बचाव अभियान शुरू कर दिया है और अब तक 80 स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.

गंगटोक जिले में सिंगतम में एक स्टील पुल, जिसे इंद्रेनी पुल भी कहा जाता है, बुधवार तड़के तीस्ता नदी के पानी में पूरी तरह से बह गया. 120 मीटर केबल सस्पेंशन ब्रिज एक महत्वपूर्ण मार्ग था. सिक्किम सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि सिंगताम शहर के सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. नदी के किनारे स्थित डिक्चु गांव के निवासियों को पास के एक स्कूल में पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा, रात भर में जल स्तर काफी बढ़ गया, जिससे डिकचू गांव के पास एनएचपीसी पनबिजली परियोजना का बांध स्थल प्रभावित हुआ.

स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सड़क का एक बड़ा हिस्सा नदी के तेज पानी में बहता हुआ दिख रहा है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार सुबह 6 बजे तीस्ता चेतावनी स्तर से नीचे बह रही थी और छह घंटे के भीतर इसके चेतावनी स्तर को पार करने की उम्मीद है.

सिंगताम में नदी बेसिन के पास के लोगों को शहर में अस्थायी राहत शिविरों में ले जाया गया है. गंगटोक से लगभग 90 किलोमीटर उत्तर में तीस्ता बांध के पास चुंगथांग शहर के निवासियों को भी बचाया गया है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तरी सिक्किम में सिंगतम को चुंगथांग से जोड़ने वाले डिकचू और टूंग कस्बों में दो पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए है. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) इलाकों में स्थानीय लोगों को बचाने में लग गया है.

अचानक आई बाढ़ के कारण सड़के क्षतिग्रस्त हो गईं.

इससे पहले सिक्किम के उत्तरी और पूर्वी जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया था. सिक्किम के कुछ हिस्सों में मंगलवार रात से भारी बारिश हो रही है. इसमें कहा गया है कि गाजोलडोबा, दोमोहनी, मेखलीगंज और घीश जैसे निचले इलाके प्रभावित हो सकते हैं. कृपया सतर्क रहें.

अचानक आई बाढ़ के कारण सड़के क्षतिग्रस्त हो गईं.

जानकारी के मुताबिक वर्तमान में वर्तमान में, मुख्यमंत्री तमांग सिंगतम नगर पंचायत कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं, जिसमें स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया जा रहा है. सीएम ने इस प्राकृतिक आपदा के सामने एकता के महत्व पर जोर दिया है. उन्होंने सभी से सतर्क रहने का आग्रह किया है.

सिक्किम के कई इलाकों में पानी भर गया.

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तमांग ने सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नदी बेसिन के किनारे यात्रा न करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने और इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है.

तुंग पुल ढहने से मंगन जिले और चुंगथांग के अंतर्गत संपर्क पूरी तरह से कट गया है. एक और फिदांग पुल ढह गया है, फिदांग में कई पक्के मकान बह गए हैं. बताया जा रहा है कि नदी के किनारे के घर बहुत खतरे में हैं और प्रशासन नदी के किनारे से मकान खाली कराने की कोशिश कर रहा है. गंगटोक से आ रही रिपोर्ट के अनुसार जीआरईएफ अधिकारी के अनुसार संगखालंग में 2 जीआरईएफ मजदूर लापता हो गए हैं और फिदांग से एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है.

पश्चिम बंगाल की सीएम ने बंगाल में दिये सतर्कता के निर्देश, सिक्कम को हर संभव मदद का किया वादा : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट किया कि सिक्किम में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ में 23 सैनिकों के लापता होने की खबर पाकर बहुत चिंतित हूं. बंगाल की सीएम ने लिखा कि इस मामले पर एकजुटता व्यक्त करते हुए मैं हमारी सरकार की ओर से हर संभव सहायता करुंगी.

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