देशबड़ी खबर

Ayushman Bharat : नियम तोड़ने पर 2,359 अस्पताल योजना से बाहर, 1,200 से अधिक निलंबित; लोकसभा में सरकार का खुलासा

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि इस साल 31 मई तक, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के कारण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 2,000 से ज़्यादा अस्पतालों को सूची से हटा दिया है और 1,200 अन्य को निलंबित कर दिया है।

नड्डा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि योजना के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के लिए 29 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 328.49 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नड्डा ने कहा कि नियमों के उल्लंघन के कारण 2,359 अस्पतालों को सूची से हटाया गया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना में धोखाधड़ी के मामले में ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की’ नीति अपनाई जाती है और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के तहत राष्ट्रीय धोखाधड़ी रोधी इकाई संदिग्ध दावों का पता लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग पर आधारित स्वचालित प्रणाली का इस्तेमाल करती है।

उन्होंने कहा कि ये स्वचालित प्रणालियां दावा जमा होने के 24 घंटे के भीतर असामान्य दावा पैटर्न की पहचान करती हैं, जिनमें अनधिकृत बिलिंग, दोहरी प्रविष्टि, बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई प्रक्रियाओं और मरीज की पहचान का गलत इस्तेमाल शामिल है। मंत्री ने कहा कि संदिग्ध माने गए दावों की भुगतान से पहले जांच की जाती है और धोखाधड़ी वाले दावों का भुगतान नहीं किया जाता है, जिससे 31 जुलाई, 2026 तक 676.14 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों को निलंबित करने और सूची से हटाने के अलावा, योजना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ जुर्माना लगाने और प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की जाती हैं। आयुष्मान भारत योजना देश की आबादी के निचले 40 प्रतिशत हिस्से को द्वितीय और तृतीय स्तर के अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवरेज देती है। यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा रही है, और कई राज्य इसे अपनी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के साथ जोड़ रहे हैं।

नड्डा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, पात्र लाभार्थियों के लिए 3.75 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए, अस्पताल में भर्ती होने के 2.74 करोड़ मामलों को मंज़ूरी दी गई और योजना के तहत 5,074 अस्पतालों को सूची में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को साल के दौरान 8,438.27 करोड़ रुपये जारी किए। उन्होंने यह भी बताया कि धन जारी करना मांग पर आधारित होता है और यह राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत उपयोग प्रमाणपत्र और जरूरतों पर निर्भर करता है।

95.99 करोड़ ABHA खाते बने

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए नड्डा ने कहा कि 31 जुलाई, 2026 तक पूरे देश में 95.99 करोड़ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (आभा) बनाए गए थे, जिनमें से 5.25 करोड़ खाते गुजरात में बनाए गए।  उन्होंने कहा कि आभा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का एक अहम घटक है। यह 14 अंकों की एक खास संख्या है, जो नागरिकों को स्वास्थ्य प्रणाली में अपने डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से रखने और उनका प्रबंधन करने की सुविधा देता है। मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि आभा बनाने से जुड़े आंकड़े संसदीय क्षेत्र के हिसाब से नहीं रखे जाते।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button