धर्म-आस्था

मीठी तुलसी: सिर्फ नाम ही नहीं, गुणों में भी मीठा है यह पौधा, गर्मियों में देगा अनगित फायदे

हिंदू धर्म में तुलसी का बहुत महत्व है। यह पौधा सिर्फ आस्था से जुड़ा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की कुंजी है।

तुलसी के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन मीठी तुलसी के बारे में लोगों को बहुत कम ही जानकारी है। आयुर्वेद में मीठी तुलसी को शुगर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद बताया गया है। इसे शुगर-फ्री प्लांट और स्टीविया के नाम से भी जाना जाता है, जिसके सेवन के बहुत सारे फायदे मिल सकते हैं।

आयुर्वेद में मीठी तुलसी को पित्त शांत करने वाला पौधा माना जाता है, जिसमें चीनी से 30 गुना ज्यादा मिठास होती है। मीठा होने के बाद भी यह रक्त में शर्करा की मात्रा नहीं बढ़ती है। इसमें ग्लूकोज या सुक्रोज नहीं होता, इसलिए डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

मीठी तुलसी मीठा खाने की तलब को शांत करती है और शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचाती। इसमें कैलोरी बहुत कम होती हैं। इसलिए मीठा खाने का मन करें तो इसे अच्छे से खा सकते हैं और यह वजन को भी संतुलित रखेगा। इसके साथ ही स्टीविया के पत्तों की तासीर ठंडी होती है। गर्मियों में पेट की जलन को शांत करने के लिए मीठी तुलसी के पत्तों का शरबत पी सकते हैं। यह पित्त को संतुलित कर पेट के एसिड को कम करता है।

स्टीविया में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो दांतों को सड़न और कैविटी से बचाने में मदद कर सकते हैं। जबकि रिफाइंड शुगर दांतों के लिए हानिकारक मानी जाती है। यही कारण है कि स्टीविया दांतों को सुरक्षित करने में भी मदद करती है। इसके साथ ही गर्मियों में अगर ब्लड प्रेशर कम होने की समस्या रहती है, तो मीठी तुलसी का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है। यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है।

मीठी तुलसी पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। यह पेट को ठंडक देती है और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत पहुंचा सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा संबंधी विकारों से निजात दिलाने में मदद करते हैं।

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