पंजाबराज्य

कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार यह साबित करता है कि वे पंजाब की तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर सकते: कैबिनेट मंत्री

चंडीगढ़:

पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ईटीओ ने कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की। कैबिनेट मंत्रियों ने जोर देकर कहा कि विपक्ष का सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने वाला रवैया और अनावश्यक नारेबाजी राज्य सरकार की विकासात्मक पहलों से लोगों का ध्यान भटकाने की उनकी हताश कोशिशों का हिस्सा है।

अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार को राज्य के खजाने या उसके लोगों की भलाई पर ध्यान देने के बजाय शराब, रेत और ट्रांसपोर्ट माफिया को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने राज्य के संसाधनों की लूट की अनुमति दी, वहीं आम आदमी पार्टी की सरकार ने वित्तीय अनुशासन और राज्य के वास्तविक विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, जो दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में पहले ही हाशिये पर जा चुकी है, अब अपने जनविरोधी और दलित विरोधी रुख के कारण आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में भी पूरी तरह साफ हो जाएगी।

कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के राज्यपाल ने कांग्रेस पार्टी को दो बार बैठने, भाषण सुनने और चर्चा के दौरान अपना जवाब देने के लिए कहा, लेकिन कांग्रेस ने पूरी तरह अलोकतांत्रिक रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि उनका व्यवहार यह साबित करता है कि उन्हें संवैधानिक मर्यादाओं की कोई परवाह नहीं है।

अपने कैबिनेट सहयोगी के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि लोग भली-भांति जानते हैं कि कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ का उदाहरण देते हुए कहा कि वह ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने पहले सिविल सेवा परीक्षा पास की और बाद में जनता की सेवा के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। इसके बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसे योग्य व्यक्ति की तुलना “बैंड-बाजे” से करने की हिम्मत की, जो पूरी तरह निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि आज जब उनके साथियों ने अपने साथ बैंड-बाजे वाले लाकर अपना विरोध दर्ज कराया तो कांग्रेसी नेता भड़क उठे, क्योंकि वे अपने ही अहंकार की सच्चाई का सामना नहीं कर सके।

इस दौरान आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा में आज कांग्रेस का रवैया एक शर्मनाक कृत्य है, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह व्यवहार सदन और राज्य की 75 वर्ष पुरानी संसदीय परंपराओं का घोर अपमान है।

उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों से राज्यपाल का अभिभाषण जनता के सामने राज्य का रिपोर्ट कार्ड रखने और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा है। यह सब जानते हुए भी कांग्रेस ने राज्यपाल, जो एक संवैधानिक प्रमुख हैं, के अभिभाषण के पहले शब्द से ही अनुचित नारों के साथ व्यवधान डालने और सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला लिया।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस द्वारा यह हंगामा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों और वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा है, क्योंकि उन्हें जनता के कल्याण से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा में कोई दिलचस्पी नहीं है।

‘आप’ सरकार की प्रमुख उपलब्धियों—सरकारी विभागों में 63,000 से अधिक युवाओं को रोजगार, प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आम आदमी क्लीनिकों की स्थापना, तथा 90 प्रतिशत परिवारों को निर्बाध मुफ्त बिजली आपूर्ति—का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस और अकाली सरकारों के समय किसानों को रात में बार-बार खेतों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि उनकी सरकार ने किसानों को दिन के समय भी निर्बाध बिजली आपूर्ति देकर बड़ी राहत प्रदान की है।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब में पहली बार किसी सरकार ने नहरों का पानी टेल एंड तक पहुंचाया है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए और नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान शुरू करके प्रशासन में जनता के विश्वास को फिर से बहाल किया है।

कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अब तक दलितों, गरीबों और मजदूरों को इंसान समझने के बजाय केवल एक वस्तु और वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी 2026 को जंडियाला गुरु में प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दलित समुदाय के खिलाफ की गई टिप्पणियों ने कांग्रेस नेताओं की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है और कांग्रेस पार्टी के असली चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की दलित विरोधी नीतियां 2027 के विधानसभा चुनावों में उसके ताबूत की आखिरी कील साबित होंगी।

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