पंजाबराज्य

पंजाब के कर विभाग ने टैक्स चोरों पर कसा शिकंजा; 429 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी के नेटवर्क का पर्दाफाश: हरपाल सिंह चीमा

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

चंडीगढ़, 14 अक्टूबर, 2026:

टैक्स चोरी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां एक सुव्यवस्थित और कई राज्यों में फैले जीएसटी धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करने की घोषणा की। मामले का विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “इस कथित कर चोरी में 2,410.22 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कर योग्य राशि शामिल है, जिसके माध्यम से 429.30 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी की गई है।”

यह स्पष्ट करते हुए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और राज्य सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, वित्त मंत्री चीमा ने खुलासा किया कि स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (एसआईपीयू) द्वारा जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर लुधियाना के पुलिस थाना डिवीजन नंबर-4 में एफआईआर संख्या 0185, दिनांक 13 अक्टूबर, 2026, दर्ज की गई है। वित्त मंत्री ने बताया, “यह मामला श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हर्ष थापर तथा उसके सहयोगियों सम्मी धीमान, जस और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 132 के तहत दर्ज किया गया है।”

कथित आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इस मामले की कड़ी 30 सितंबर, 2026 को जुड़ी, जब एसआईपीयू, लुधियाना के एक राज्य कर अधिकारी ने दिल्ली से पंजाब आ रहे माल से लदे एक वाहन (DL01AR-1775) को रोका। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क की महज एक छोटी-सी झलक साबित हुई।”

वित्त मंत्री ने आगे बताया कि इस मामले में ई-वे बिलों और इनवॉइस में पंजाब स्थित तीन फर्मों को माल की आपूर्ति किए जाने का उल्लेख था। लेकिन जब विभाग ने संबंधित फर्मों से संपर्क किया, तो उन्होंने ऐसा कोई ऑर्डर देने या माल खरीदने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।

इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बाद में की गई जांच में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से माल की ढुलाई करने वाले एक सुव्यवस्थित सिंडिकेट का पता चला। उन्होंने कहा, “उन्नत डेटा एनालिटिक्स और ई-वे बिल के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने के बाद हमारे विभाग ने विभिन्न राज्यों में सक्रिय 62 आपस में जुड़ी फर्मों के नेटवर्क की पहचान की है, जिनमें से 25 पंजाब में सक्रिय हैं।”

वित्त मंत्री चीमा ने आगे कहा, “यह सिंडिकेट मुख्य रूप से वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान सक्रिय रहा। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर ने इस अवैध कारोबार को संचालित करने के लिए अन्य संस्थाओं से फर्जी बिल प्राप्त किए और ई-वे बिलों का पार्ट-बी भरकर इस पूरे नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाई।”

राज्य के बकाया राजस्व की वसूली के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पूरे नेटवर्क की गहन आपराधिक जांच के लिए मामला पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कर विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह इस नेटवर्क से जुड़े सभी लाभार्थी डीलरों की जांच करे, अनुचित तरीके से प्राप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का आकलन करे तथा बकाया कर, ब्याज और जुर्माने की एक-एक पाई वसूलने के लिए सख्त अभियान चलाए।

वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “पंजाब सरकार राज्य के खजाने को लूटने की अनुमति नहीं देगी। ऐसे गैरकानूनी गठजोड़ों की कमर तोड़ने के लिए हम खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई को अधिकतम प्राथमिकता दे रहे हैं।” टैक्स चोरी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कर चोरी के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार करने या उनका इस्तेमाल करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ऐसे सफेदपोश अपराधों में जानबूझकर सहायता करने वाले बिचौलियों और ट्रांसपोर्टरों को भी जवाबदेही के दायरे में लाया जाएगा। हम सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर रखेंगे। ईमानदार करदाताओं के हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, लेकिन जानबूझकर कर चोरी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।”

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button