मा० विधान परिषद अध्यक्ष कुँवर मानवेन्द्र सिंह जी के सन्दर्भ पुस्तकालय में

- गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 465वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न
- “ऋषि का सद्ज्ञान मनुष्य को सत्कार्य करने व सन्मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता है।”: उमानन्द शर्मा
- “ऋषि का सद्साहित्य लोक कल्याणकारी है।”: विधान परिषद अध्यक्ष
गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत “मा० विधान परिषद अध्यक्ष कुँवर मानवेन्द्र सिंह, उ०प्र०” के सन्दर्भ पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 465वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। यह सम्पूर्ण साहित्य पुत्रवधू श्रीमती चारू सिंह एवं पुत्र श्री अरुण सिंह ने स्व० सुरेन्द्र सिंह की स्मृति में ज्ञानदान के रुप में उपरोक्त सन्दर्भ पुस्तकालय में युगऋषि वाङ्मय साहित्य तथा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त महानुभावों एवं कार्यालय के स्टाफ को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्ज्ञान मनुष्य को सत्कार्य करने व सन्मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करता है।” मा० विधान परिषद अध्यक्ष ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “ऋषि का सद्साहित्य लोक कल्याणकारी है।”
वाङ्मय साहित्य स्थापना के इस अवसर पर मा० विधान परिषद अध्यक्ष कुँवर मानवेन्द्र सिंह, डॉ० राजेश सिंह प्रमुख सचिव विधान परिषद, श्री पी०के० रघुवंशी निजी सचिव सभापति विधान परिषद, श्री कपिल श्रीवास्तव निजी सचिव, डॉ० कुसुम मानसी द्विवेदी सूचना अधिकारी विधान परिषद, कार्यालय के स्टाफ व अन्य अधिकारीगण तथा गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, श्रीमती शशि गंगवार, श्रीमती चारू सिंह, श्री अरुण सिंह, चि० इशय सिंह, श्रीमती उषा सिंह, श्रीमती सावित्री शर्मा एवं श्री वी०के० श्रीवास्तव इत्यादि मौजूद रहे।



