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परचम कुशाई के साथ आठवां दो रोज़ा उर्स-ए-ताजुशशरिया का आगाज़

सज्जादानशीन मुफ़्ती असजद मियां ने अदा की रस्म। फरमान मियां की क़यादत में निकले शाहबाद और आजमनगर के परचमी जुलूस

  1. मसलाके आला हजरत जिंदाबाद” “बस्ती बस्ती करिया करिया ताजुशशरिया ताजुशशरिया” “उर्स-ए-ताजुशशरिया जिंदाबाद” “कौन बना मेहमाने काबा ताजुश्शरिया ताजुश्शरिया” नारों से गूंजा शहर।”

 

संवाददाता ख्वाजा एक्सप्रेस

 

बरेली। सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के मजहबी रहनुमा मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का दो रोज़ा आठवां उर्स-ए-ताजुशरिया का आगाज बाद नमाज-ए-असर परचम कुशाई से शुरू हो गया। उर्स की सभी रस्में काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खां कादरी की सरपरस्ती और जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां व जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मिया की निगरानी में होंगी। दरगाह ताजुशारिया पर बाद नमाज-ए-फजर कुरआन खवानी व नात-ओ-मनकबत की महफिल सजाई गई। दिन बार दरगाह पर हाजरी और गुलपोशी का सिलसिला चलता रहा। शाम को बाद नमाज-ए-असर जमात रजा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की क़यादत में परचमी जुलूस निकाले गए। पहला परचम जुलूस शाहबाद स्थित मिलन शादी से सैय्यद कैफ़ी के निवास से और दूसरा आजमनगर से अराफात कुरैशी के निवास से निकाला गया। परचमी जुलूस का जगह जगह फूलों से सभी लोगो ने जोरदार इस्तकबाल किया। और जुलूस की क़यादत कर रहे काज़ी-ए-हिंदुस्तान के दामाद वा जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मिया की दस्तारबन्दी की गई। पैदल झंडा शरीफ़ लेकर पीछे मोटरसाइकिल और पीर की मोहब्बत में जगा-जगा “मसलाके आला हजरत जिंदाबाद, बस्ती बस्ती करिया करिया ताजुशशरिया ताजुशशरिया,उर्स-ए-ताजुशशरिया जिंदाबाद, कौन बना मेहमाने काबा ताजुश्शरिया ताजुश्शरिया नारों से गूंजा शहर।” दोनों जुलूस अपने क़दीमी रास्तों से कुतुबखाना चौराहा पहुँचे। वहा से बिहारीपुर ढाल होते हुए दरगाह आला हजरत पर हाजरी देते हुए दरगाह ताजुशरिया पर परचम कुशाई की रस्म काज़ी-ए-हिन्दुस्तान जानशीन-ए- हुज़ूर ताजुश्शरिया सज्जादानशीन मुफ़्ती मुहम्मद असजद रज़ा खां कादरी (असजद मियां) और देश-विदेश से आये उलेमा व अकीदतमंदों की मौजूदगी में अपने हाथों अदा कर दुनियाभर में अमन-ओ- सूकून की दुआ की। देश-विदेश के लाखों ज़ायरीन अब तक बरेली पहुँच चुके है। जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां ने बताया मुख्य कार्यकर्म रात को उर्स स्थल सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रज़ा में बाद नमाज-ए-ईशा कारी शरफुद्दीन और कारी फैजू नबी ने कुरान शरीफ़ की तिलावत की। और कार्यकर्म की निजामत मौलाना गुलजार ने की। देश-विदेश से आए उलमा-ए-इकराम और सज्जादागान में घोसी शरीफ़ से मुहद्दिस-ए-कबीर जिया उल मुस्तफा, काल्पी शरीफ से गियाज़-ए-मिलत, मुफ्ती आशिक हुसैन कश्मीरी, बिलग्राम शरीफ से सोहिल मियां और अनस मिया, फैजाबाद से मौलाना अब्दुल मुस्तफा रुदौली, जमदाशाही से मुफ्ती अख्तर अलीमी, मुफ्ती शमशाद मिसवाई, मुफ्ती शहज़ाद आलम, मुफ्ती कफील हाशमी, सफीपुर के सज्जादानशीन हसनैन मियां, मुफ्ती नश्तर फारुकी, मुफ्ती अफज़ाल रजवी, आदि लोगो ने हुज़ूर ताजुशशरिया की जिदंगी पर रौशनी डाली। जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मिया ने बताया रात को 01 बजकर 40 मिनट पर सरकार मुफ्ती-ए-आज़म हिंद के कुल की रस्म अदा की गई। फातिहा और शिजरा व सलात-ओ-सलाम के बाद काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती मुहम्मद असजद रज़ा खां कादरी (असजद मियां) ने खुसूसी दुआ की।

 

शहर लेकर देहात तक की मस्जिदों में जुम्मे की नमाज़ में उर्स को लेकर हुई तकरीर

 

आज जुम्मे की नमाज में शहर से लेकर देहात तक की मस्जिदों में इमाम हजरत ने हुजूर ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की हिदायत दी। आज और कल के कार्यक्रम के बारे में भी बताया।

 

 

ऑनलाइन के माध्यम से भी उर्स में जुड़ सकते है जायरीन

 

जमात रज़ा के आईटी सेल प्रभारी अतीक अहमद ने बताया जो जायरीन किसी कारण अपने पीर की मोहब्बत में उर्स पर शिरकत नहीं कर पा रहे हैं वाह लोग घर बैठकर उर्स में शिरकत कर सकते हैं। मिक्सर और यू ट्यूब पर 24 वा 25 अप्रैल का लाइव प्रसारण पूरे विश्व में किया जाएगा। उर्स का लिंग सोशल मीडिया पर जारी कर दिया गया है।

 

 

कार्यक्रम 25 अप्रैल बरोज हफ्ता का अंतिम दिन

 

जमात रज़ा के पूर्व प्रवक्ता समरान खान ने बताया दरगाह ताजुशारिया पर बाद नमाज-ए-फजर कुरआन खव़ानी व नात-ओ-मनकबत की महफिल सजाई जाएगी। सुबह 07 बजकर 10 मिनट पर सरकार ताजुशारिया के वालिद मुफस्सिर-ए-आज़म हिंद (जिलानी मिया) के कुल की रस्म अदा की जाएगी। उर्स स्थल सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रज़ा में बाद नमाज़-ए-जोहर उलमा-ए-इकराम और सज्जादागान की तकरीर होगी। फिर असर और मगरिब की नमाज़ अदा की जाएगी। इसके बाद शाम को 07 बजकर 14 मिनट पर मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के आठवां कुल की रस्म अदा की जाएगी। इसी के साथ दो रोज़ा उर्स-ए-ताजुशरिया का समापन हो जाएगा ।।

इस दौरान उर्स की व्यवस्थाओं में हाफिज इकराम रजा खां, मौलाना आबिद नूरी, डॉक्टर महेंदी, शमीम अहमद, समरान खान, कौसर अली, यासीन खान, सय्यद अज़ीमुद्दीन अज़हरी, अब्दुल्ला रज़ा खां, मोईन खान, मोईन अख्तर, नदीम सुब्हानी, नावेद आलम, गुलाम हुसैन, रेहान अली, बक्तियार खान, सैफ रज़ा खां कादरी, जुनैद रज़ा, शाईबउद्दीन रजवी, मौलाना निजाम, एडवोकेट राशिद खान, अली रज़ा, फैज़ान अहमद अमन रज़ा, रहबर रज़ा खां, शाहबाज खान आदि का सयोग रहा ।।

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