वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज मंदिर और धर्मशालाओं को मुक्त कराया, कब्जों के खिलाफ जाएंगे कोर्ट-चेयरमैन

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने कहा कि वक्फ की कई संपत्तियों पर भू-माफियाओं की नजर है। उनके कब्जों के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। चेयरमैन ने कहा कि कुछ मंदिर और धर्मशालाओं को वक्फ संपत्ति में दर्ज किया गया था, उसे वक्फ रिकॉर्ड से हटवाकर धर्मशाला और मंदिरों को मुक्त कराया गया है। इसी तरह वक्फ दरोगा मीर वाजिद अली की वजीरगंज, डालीगंज और सआदतगंज स्थित संपत्ति गैर-मुस्लिम के नाम दर्ज थी, उसे भी कब्जा मुक्त कराया गया है।
चेयरमैन अलनी जैदी वक्फ संपत्तियों में अनियमितताओं को लेकर चल रही खबरों के सिलसिले में जवाब जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने खबरें चलाई हैं, वही जिम्मेदार हैं। कम से कम उन्हें मेरा पक्ष तो लेना चाहिए था।
बोले-मैं जब बोर्ड का अध्यक्ष बना तो कर्मचारियों का 37 महीने का वेतन बकाया था। मैंने बोर्ड की आमदनी बढ़ाकर बोर्ड के रिटायर हो चुके कर्मचारियों और काम कर रहे कर्मचारियों का लगभग 50 लाख रुपये का वेतन भुगतान कराया। मेरे कार्यकाल का 4 महीने का वेतन अभी भी बकाया है।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने लखीमपुर में इमामबाड़े को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां बाउंड्री कराई। बुलंदशहर में इमामबाड़े से अतिक्रमण हटवाया।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि जब उन्हें अध्यक्ष बनाया गया तब बोर्ड में सालाना एक लाख रुपये की आय वाले 38 वक्फ थे, मौजूदा समय में एक लाख आय वाले 81 वक्फ हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड में कुल 7785 अवकाफ रजिस्टर्ड है, जिसको नये वक्फ अधिनियम- 1995 (यथासंशोधित- 2025) के अन्तर्गत अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए उम्मीद पोर्टल पर 21 अप्रैल 2026 तक लगभग 7647 अवकाफ मुतवल्ली/मेकर्स द्वारा अपलोड किये जा चुके हैं, जिसके सापेक्ष 3595 अवकाफ के सत्यापन का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 2167 अवकाफ बोर्ड द्वारा अप्रूव्ड किये जा चुके हैं। शेष पर कार्य प्रगति पर है। बोर्ड के कुल अवकाफ को उम्मीद पोर्टल पर अपलोड किये जाने की तिथि 5 जून 2026 निर्धारित है।


