मंदबुद्धि दलित बालिका से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद
विशेष न्यायालय ने सुनाई आजीवन सश्रम कारावास व ₹50 हजार अर्थदंड की सजा

आर के भट्ट
कुशीनगर।
विशेष न्यायालय एससी/एसटी दीवानी न्यायालय के विशेष न्यायाधीश इफराक अहमद ने मंदबुद्धि दलित बालिका से दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर आरोपी रामनाथ पटेल पुत्र भुटेली पटेल निवासी थाना कसया, जनपद कुशीनगर को आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने थाना कसया में पंजीकृत अपराध संख्या 50/19 में आरोपी को आईपीसी की धारा 376, 323, 354(ख) तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) एवं 3(1)(ब)(1) के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 जनवरी 2019 को पीड़िता खेत में बकरी चराने गई थी। आरोप है कि उसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया तथा विरोध करने पर उसके कपड़े फाड़ दिए। घटना के बाद पीड़िता ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके आधार पर उसी दिन थाना कसया में मुकदमा दर्ज कराया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान कुल सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इनमें पीड़िता, उसकी चाची तथा विवेचक सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों की गवाही महत्वपूर्ण रही। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
इस मुकदमे में शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रताप गोविंद राव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



