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‘डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया’… कहने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित, जानें पूरा मामला

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) के प्राणीशास्त्र विभाग के एक सहायक प्रोफेसर को एक छात्रा से फोन पर कथित तौर पर आपत्तिजनक बातचीत करने के आरोप में मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह जानकारी दी।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक मंगलवार को कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की लगातार दूसरे दिन हुई आपात बैठक में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय अनुशासन समिति की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सहायक प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया गया।

बयान के अनुसार समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि यह आरोप सिद्ध हुआ है कि शिक्षक ने परीक्षा प्रश्न-पत्र लीक करने का प्रलोभन देकर छात्रा के यौन शोषण का प्रयास किया जो शिक्षक आचरण नियमावली का उल्लंघन है। समिति ने कहा कि शिक्षक की हरकत से विश्वविद्यालय की साख, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं अकादमिक निष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है तथा यह कार्यस्थल पर गंभीर यौन एवं मानसिक उत्पीड़न और अशोभनीय कदाचार से जुड़ा है।

बयान के मुताबिक इस मामले में निलंबन की कार्यवाही के साथ-साथ आरोपी शिक्षक के खिलाफ एक आरोप पत्र भी जारी किया गया है जिस पर उसे 15 दिन के अंदर सुबूतों के साथ लिखित सफाई पेश करनी होगी । बयान के अनुसार अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहता है तो इसे अपराध के प्रति उसकी मूक स्वीकारोक्ति मानते हुए उसकी बर्खास्तगी की कार्यवाही भी की जा सकती है।

यह मामला सहायक प्रोफेसर परमजीत सिंह और बीएससी अंतिम वर्ष की एक छात्रा के बीच बातचीत के एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद सामने आया था। क्लीप में से एक में आरोपी कथित तौर पर छात्रा से यह कहते हुए सुना गया, “डार्लिंग, तुम्हारा पेपर लीक हो गया है। परीक्षा से पहले अपने घर से यहां आ जाओ और हम तुम्हें यहीं पेपर दे देंगे।”

इस मामले में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर हसनगंज थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने पिछली 16 मई को आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया था। सिंह ने गिरफ्तारी से पहले ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर कहा था, “मुझ पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। विश्वविद्यालय की अंदरूनी राजनीति की वजह से मुझे इस मामले में फंसाया जा रहा है।”

हालांकि इस मामले को लेकर सोमवार को हुई कार्यपरिषद की आपात बैठक में आरोपी शिक्षक ने प्रसारित ऑडियो क्लिप में अपनी आवाज का होना स्वीकार किया था। विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति की अध्यक्षता में सोमवार को कार्यपरिषद की आपात बैठक में कथित पीड़ित छात्रा तथा आरोपी शिक्षक के बयान दर्ज किए गए थे। इस दौरान छात्रा ने सिलसिलेवार तरीके से अपने साथ हुई मानसिक प्रताड़ना और दबाव की घटना का विवरण दिया।

सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान आरोपी शिक्षक ने समिति के सामने खुद पर लगे आरोपों का खंडन करने की कोशिश की लेकिन यह भी स्वीकार किया कि प्रसारित ऑडियो में आवाज उसी की है और बातचीत के दौरान उसकी ‘जुबान फिसल गई’ थी। उन्होंने बताया कि बैठक में कार्यपरिषद के सदस्यों ने ऑडियो के सभी अंशों को गौर से सुनने के बाद यह माना कि यह कृत्य शिक्षक और विद्यार्थी के बीच के पवित्र एवं मर्यादित संबंधों के बिल्कुल खिलाफ है।

इस मामले में कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी की अध्यक्षता में तीन-सदस्यीय एक अनुशासन समिति का गठन किया गया था जिसकी अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को कार्य परिषद की बैठक में आरोपी शिक्षक के खिलाफ अंतिम और सेवा संबंधी कठोर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

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