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प्रधानमंत्री ने अपने काफिले के वाहनों की संख्या कम की, कई मुख्यमंत्रियों ने भी किया अमल

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेट्रोलियम पदार्थों से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील करने के कुछ दिन बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या काफी कम कर दी है। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद भाजपा-शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है और अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या में कटौती की है।

सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया घरेलू यात्राओं के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम की गई है। हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को बरकरार रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, हैदराबाद में रविवार को मितव्ययिता उपायों के संबंध में दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद गुजरात और असम में उनके काफिले में कारों की संख्या को कम कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने, जहां भी संभव हो, अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इसके लिए नये इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से मना किया है। सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि ईंधन बचाने, जहां संभव हो वहां घर से काम करने और विदेशी मुद्रा के अनावश्यक तौर पर देश के बाहर जाने वाले प्रवाह को कम करने के लिए मोदी की अपील वैसे ”मितव्ययिता उपाय” नहीं हैं, जिसका नकारात्मक आर्थिक अर्थ होता है। उन्होंने उल्लेख किया कि ”मितव्ययिता उपायों” का तात्पर्य आमतौर पर बजट में कटौती, सरकारी खर्च में कमी, सब्सिडी में कमी और राजकोषीय सख्ती है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री की अपील कम खर्च करने को लेकर नहीं है, बल्कि यह ईंधन की खपत कम करके, आयातित वस्तुओं पर अनावश्यक निर्भरता कम करके और विदेशी मुद्रा पर निर्भर सेवाओं को कम करके अधिक समझदारी से खर्च करने के संदर्भ में है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पूंजीगत व्यय, कल्याणकारी खर्च या सब्सिडी में कटौती नहीं कर रही है।

प्रधानमंत्री की अपील के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और राज्य के मंत्रियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या तत्काल आधी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि ईंधन की खपत कम करें और वैश्विक हालात को देखते हुए सोने की अनावश्यक खरीद से बचें। उन्होंने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत तक कमी की जाए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों से राष्ट्रीय हित में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों को भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। यादव ने कहा, ”अगले आदेश तक, सुरक्षा की दृष्टि से मेरे काफिले में वाहनों की न्यूनतम संख्या होगी और कोई वाहन रैली नहीं होगी। सभी मंत्री भी यात्रा के दौरान अपने काफिले में वाहनों की संख्या में कटौती करेंगे।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहनों की संख्या में कमी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, ”मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि वे भी प्रधानमंत्री जी के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनें।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी निर्देश दिया कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखी जाए और अनावश्यक तौर पर वाहनों का इस्तेमाल न किया जाए, विशेषकर सुरक्षा उद्देश्यों के लिए। उन्होंने मुख्य सचिव समेत सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी इसी तरह की प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया। महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक यात्रा के लिए विमान का इस्तेमाल करने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति ली जाए। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने घोषणा की कि वह गुजरात में हेलीकॉप्टर और विमानों से यात्रा करने के बजाय ट्रेन, राज्य परिवहन की बसों और सार्वजनिक परिवहन के संसाधनों से यात्रा करेंगे तथा ईंधन की बचत के लिए उनके सरकारी वाहनों के काफिले को भी छोटा किया जाएगा। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रद्द कर दी है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने ऐलान किया कि उन्होंने अपने काफिले के वाहनों की संख्या स्वयं कम करके आधी कर दी है और जरूरी होने पर ही आधिकारिक यात्रा करेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के राज्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए दो दिन के भीतर एहतियाती उपायों की घोषणा करेगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उन्होंने अपने काफिले का आकार कम कर दिया है और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने लोक भवन को ‘ईंधन संरक्षण क्षेत्र’ घोषित किया और विश्वविद्यालयों से इस संरक्षण आंदोलन का नेतृत्व करने की अपील की। पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मितव्ययिता अपनाने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था।

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