जौनपुर : युवा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ रॉबिन सिंह को उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

जौनपुर। जनपद के युवा अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ रॉबिन सिंह को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में लखनऊ के ताज होटल में उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने शनिवार को उनकी जनहित सेवाओं को देखते हुए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। जनपद में अल्प समय में अपनी सेवाओं से एक मुकाम बना चुके डॉ रॉबिन सिंह देश के माने जाने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हरेंद्र देव सिंह के पुत्र हैं। डॉक्टर सिंह ने अपनी सेवाओं से जनपद में अल्प समय में लोगों के दिलों में जगह बना लिया है, इनके बारे में कहा जाता है कि इनके हाथ में जादू है, जो शल्यक्रिया लखनऊ एवं वाराणसी सहित अन्य महानगरों में थी उसे इन्होंने कम लागत में जौनपुर में करके दिखाया।
इनके बारे में कहा जाता है कि डॉक्टर सिंह गरीब व मजबूर व्यक्तियों की सेवा का व्रत लेकर अस्थि रोग का उपचार और चिकित्सा करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार के दिन डॉ रॉबिन सिंह निशुल्क मरीज देखते हैं और उचित सलाह देते हैं इसके अतिरिक्त समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों के उन गरीबों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हैं जो जनपद मुख्यालय तक आने में मजबूर और लाचार हैं, डॉ रॉबिन सिंह के द्वारा गरीब मजबूर की किए जनसेवा का मूल्यांकन करते हुए एक चैनल ने लखनऊ ताज होटल में कार्यक्रम आयोजित कर डॉ सिंह को प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के हाथों पुरस्कृत एवं सम्मानित कराया।
डॉक्टर सिंह के सम्मानित होने की खबर जनपद में आते ही शुभचिंतकों और उनकी सेवाओं से लाभान्वित मरीजों ने उनके चिकित्सालय पहुंचकर माल्यार्पण कर स्वागत किया। जनपद के चिकित्सक लाल ने जनपद का नाम रोशन करने के साथ-साथ अपने पिता डॉक्टर हरेंद्र देव सिंह के नाम में चार चांद लगा दिया।
सम्मान प्राप्ति के बाद इस संवाददाता ने जब डॉ रॉबिन सिंह से बात किया तो उन्होंने कहा यह सम्मान मेरा नहीं मेरे जनपद वासियों का है मैं तो अपना कर्म करता हूं, ईश्वर लोगों का भला करता है। हमें अपने बड़े बुजुर्गों एवं उन लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है जो मेरी सेवाओं से स्वस्थ होकर, स्वस्थ जीवन जी रहे हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं। अंत में डॉ सिंह ने कहां यह सम्मान मुझे नहीं जौनपुर जनपद को मिला है और यह मेरा संबल होगा।


