
चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने केंद्र सरकार द्वारा ब्रोकरों (आढ़तियों) की कमीशन में की गई बढ़ोतरी का जोरदार स्वागत किया है और इसे मोदी सरकार का दूरदर्शी एवं किसान-हितैषी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा में गेहूं की खरीद के लिए आढ़तियों को दी जाने वाली कमीशन ₹46 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर ₹50.75 प्रति क्विंटल कर दी गई है। यह निर्णय गेहूं और धान जैसी प्रमुख फसलों की खरीद प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंडी प्रणाली को मजबूत करने के लिए कमीशन बढ़ोतरी – जमीनी हकीकत को स्वीकारती मोदी सरकार – कैंथ किसानों और ब्रोकरों के साथ खड़ी सरकार – मोदी सरकार का स्पष्ट संदेश – कैंथ ₹46 से ₹50.75 प्रति क्विंटल कमीशन वृद्धि – कृषि सप्लाई चेन के लिए नीतिगत स्थिरता का संकेत: कैंथ
कैंथ ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतों द्वारा किसानों और मंडी प्रणाली में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन यह निर्णय स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार मंडी प्रणाली के हर हितधारक—विशेषकर आढ़तियों—के साथ मजबूती से खड़ी है। आढ़ती खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने यह कहकर किसानों को भड़काया कि मोदी सरकार मंडी प्रणाली को समाप्त करना चाहती है, वे अब इस फैसले से बेनकाब हो गए हैं। भाजपा नेता कैंथ ने जोर देकर कहा कि किसान और आढ़ती विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सहयोगी हैं और कृषि अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार इस वास्तविकता को समझती है और दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बढ़ोतरी केवल आर्थिक नहीं, बल्कि आढ़तियों की भूमिका की स्वीकृति भी है।” उन्होंने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि जिन्होंने पहले मंडी प्रणाली की अनदेखी की, वही आज सुधारों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा “ सच्चाई यह है कि मोदी सरकार जमीनी स्तर पर काम करती है, जबकि अन्य केवल राजनीति करते हैं,”।



