
चंडीगढ़, 2 अक्टूबर:
केंद्र सरकार के ‘ई-रक्तकोष’ पोर्टल पर दर्ज वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब ने प्रति 10 लाख आबादी पर स्वैच्छिक रक्तदान के मामले में देशभर में तीसरा स्थान हासिल करके राज्य का गौरव बढ़ाया है।
पंजाब के लोगों, स्वैच्छिक रक्तदाताओं, गैर-सरकारी संगठनों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को बधाई देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस नेक मानवीय भावना को पंजाबियों की निस्वार्थ सेवा और संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।
नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती ऑडिटोरियम में आयोजित ‘राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस’ (एनवीबीडीडी)-2026 के समारोह के दौरान राज्य को आधिकारिक तौर पर सम्मानित किया गया। इस समारोह में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के महानिदेशक डॉ. लवनीश जी. कृष्णा और एलएचएमसी की निदेशक डॉ. हिमानी आहलूवालिया भी उपस्थित थीं।
राज्य के शानदार और अनुकरणीय प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान लोगों के सहयोग से आयोजित 6,583 रक्तदान शिविरों के माध्यम से पूरे पंजाब में कुल 5,44,167 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। राज्य में एकत्रित कुल रक्त का 92 प्रतिशत हिस्सा स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से प्राप्त हुआ, जबकि सरकारी रक्त केंद्रों में यह योगदान 99.6 प्रतिशत रहा।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, ‘‘रक्तदान मानवता की सेवा के सबसे नेक कार्यों में से एक है। स्वैच्छिक रूप से दान किए गए रक्त का प्रत्येक यूनिट गंभीर स्थिति वाले मरीज के लिए जीवन रेखा बन जाता है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मान के सबसे पहले और वास्तविक हकदार स्वैच्छिक रक्तदाता हैं, जिनकी नेकदिली और अटूट उदारता हमारे स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूत बनाती है।’’
स्वास्थ्य मंत्री ने पंजाब स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (पीएसबीटीसी), पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (पीएसएसीएस), सरकारी एवं निजी ब्लड सेंटरों, गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य भागीदारों द्वारा बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए किए गए समर्पित प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने युवाओं और विद्यार्थी स्वयंसेवकों की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य के लिए रक्तदाताओं का एक मजबूत और निरंतर सक्रिय डेटाबेस तैयार करने में उनकी सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार रक्त संचार संबंधी बुनियादी ढांचे का विस्तार जारी रखेगी, सुरक्षित रक्त और उसके अन्य घटकों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करेगी तथा 100 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान के लक्ष्य को बनाए रखेगी, ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सभी स्वस्थ एवं योग्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं से दिल से अपील करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें आगे आने और पंजाब में स्वैच्छिक रक्तदान को निरंतर जन आंदोलन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा थोड़ा-सा योगदान किसी को जिंदगी का दूसरा मौका दे सकता है।’’
उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रीय सम्मान समारोह में पंजाब का प्रतिनिधित्व डॉ. सुनीता देवी (संयुक्त निदेशक, बीटीएस-कम-लैब सेवाएं, पीएसएसीएस), पंकज कुमारी (उप निदेशक, लैब सेवाएं, पीएसएसीएस), डॉ. केतकी शर्मा (सहायक निदेशक, वीबीडी, बीटीएस, पीएसबीटीसी) और अमृत राज (कार्यालय सहायक, पीएसबीटीसी) ने किया तथा राज्य की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया।




