भारत रत्न ङा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर निकाली गई विशाल शोभायात्रा

मेजा (प्रयागराज): मेजा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामनगर के मजरा गरीब दास का पूरा में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी अंबेडकर जयंती पर महानायक ग्रुप द्वारा विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजा विधायक संदीप पटेल जी वह ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नीरज यादव की अगुवाई में अंबेेडकर जयंती या भीम जयंती, डाॅ. भीमराव अंबेडकर जिन्हें डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म दिन 14 अप्रैल को पर्व के रूप में भारत समेत पूरे विश्व में मनाया जाता है।
इस दिन को ‘समानता दिवस’ और ‘ज्ञान दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले अंबेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। अंबेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाता है और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। अंअंबेडकर का जन्म 14अप्रैल 1891में मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक दलित परिवार में हुआ था।
अंबेडकर की पहली जयंती सदाशिव रणपिसे ने 14 अप्रैल 1928 में पुणे नगर में मनाई थी। रणपिसे अंबेडकर के अनुयायी थे। उन्होंने अंबेडकर जयंती की प्रथा शुरू की और भीम जयंती के अवसरों पर बाबासाहेब की प्रतिमा हाथी के अंबारी में रखकर रथ से, ऊँट के उपर कई मिरवणुक निकाली थी। जिसके बाद ही अंबेडकर के जन्मदिन पर हर साल उनके करोड़ों अनुयायी उनके जन्मस्थल भीम जन्मभूमि (डॉ. अंबेडकर नगर, मध्य प्रदेश), बौद्ध धम्म दीक्षास्थल दीक्षाभूमि, नागपुर, उनकी समाधी स्थल चैत्य भूमि, मुंबई जैसे कई स्थानीय जगहों पर उन्हें अभिवादन करने लिए इकट्टा होते है। सरकारी दफ्तरों और भारत के बौद्ध-विहारों में भी अंबेडकर की जयंती मनाकर उन्हें नमन किया जाता है। विश्व के 100 से अधिक देशों में अंबेडकर जयंती मनाई जाती है।



