उत्तर प्रदेशलखनऊ

सिविल सेवा निःशुल्क कोचिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम के पंचम सत्र में प्रवेश हेतु आवेदन पत्र प्रारम्भ

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के फ्लेगशिप कार्यक्रम सिविल सेवा के निःशुल्क एवं प्रशिक्षण मार्गदर्शन कार्यक्रम के पंचम सत्र में प्रवेश हेतु आवेदन ऑनलाईन माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है, जिसमें अभ्यर्थी द्वारा आवेदन पत्र करने की तिथि 01 अगस्त से 31 अगस्त, 2023 तक है। तदोपरान्त पंचम सत्र हेतु सितम्बर, 2023 के अन्त तक प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार होगा तथा माह अक्टूबर, 2023 से पंचम सत्र का प्रारम्भ हो जायेगा। कोई भी विद्यार्थी सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा सत्र 2023-24 के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् की वेबसाईट ीजजचरूध्ध्नचेंदेातपजेंदेजींदंउण्पद पर जाकर निःशुल्क रजिस्ट्रेशन अथवा ीजजचरूध्ध्नचेेबपअपसण्पद लिंक पर भी जाकर रजिस्टेªशन कर सकते हैं। कोई भी विधार्थी अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें।

यह जानकारी आज यहां उ0प्र0 संस्कृति संथान के निदेशक दिनेश श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि आवेदन हेतु पात्रता के लिए मानक निर्धारित किये गये हैं, जिसमें आवेदक स्नातक एवं समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण (यूजीसी से मान्यता प्राप्त विष्वविद्यालय), अभ्यर्थी की आयु 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए। सभी वर्ग के अभ्यर्थी इस परीक्षा के पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा में सामान्य अध्ययन एवं सामान्य संस्कृत ज्ञान विषय पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रवेश परीक्षा का आयोजन होता है, जिसमें 100 प्रश्न द्विभाषीय (संस्कृत एवं हिन्दी) होते हैं एवं 85 प्रश्न सामान्य अध्ययन के और 15 प्रश्न संस्कृत के सामान्य ज्ञान, व्याकरण एवं साहित्य से सम्बन्धित होंगे। ऐसे अभ्यार्थी जिन्होंने वर्ष 2022-2023 की संघ एवं राज्यों की सिविल सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण की हो, बशर्ते ऐच्छिक विषय के रूप में संस्कृत साहित्य विषय रहा हो, उन्हें सीधे प्रवेश दिये जाने की व्यवस्था है। इसके अन्तर्गत कुल 15 विद्यार्थी ही लिये जायेंगे। सभी विद्यार्थियों को कक्षा में 75 प्रतिषत उपस्थिति एवं उनकी प्रति माह अध्ययन सत्र के अन्तर्गत मासिक प्रगति रिपोर्ट के आधार पर प्रतिमाह रूपये 3000/- (रूपये तीन हजार) की छात्रवृत्ति दी जाती है।

निदेशक दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग एवं राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय सिविल सेवा/प्रादेशिक सिविल सेवा में प्रारम्भिक व मुख्य परीक्षा के साथ वैकल्पिक विषय के रूप में संस्कृत साहित्य के अध्ययन का एकीकृत व चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं। संक्षेप में कहा जाये तो प्रारम्भिक परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक की तैयारी इस कार्यक्रम के तहत करायी जाती है, जिसका सम्पूर्ण सत्र 10 माह का होता है। 10 माह का प्रषिक्षण तीन चरणों में सम्पादित होता है, जिसमें प्रथम चरण में अभ्यर्थियों को प्रारम्भिक सह मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाता है। द्वितीय चरण में मुख्य परीक्षा की विषय वस्तु, जिसमें संस्कृत साहित्य एवं सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम है, को पूरा कराया जाता है, और तृतीय व अन्तिम चरण में परीक्षा आयोजन से पूर्व केवल प्रारम्भिक परीक्षा की विषयवस्तु पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि अभ्यर्थी पूरे आत्मविश्वास व तैयारी के साथ प्रारम्भिक परीक्षा दे सके।

प्रशिक्षण हेतु सामान्य अध्ययन के अन्तर्गत भारत एवं विष्व इतिहास, भारतीय अर्थव्यवस्था, भूगोल, विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारतीय राजव्यवस्था, कला संस्कृति, विरासत, समाज एवं सामाजिक न्याय, अन्तर्राष्ट्रीय संगठन एवं संस्थाएं, आपदा प्रबन्धन, नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिरूचि के साथ-साथ प्रारम्भिक परीक्षा प्रष्न-पत्र द्वितीय/सी सैट के अध्यापन हेतु देश के ख्यातिलब्ध अनुभवशील विद्वानों के एक समूह द्वारा अध्यापन कराया जाता है। संस्कृत साहित्य के अलग-अलग खण्डों का अध्यापन अलग-अलग विषय (व्याकरण, भाषाषास्त्र, दर्शन, महाकाव्य, संस्कृत नाट्यशास्त्र, संस्कृत गद्य एवं पद्य इत्यादि) के विशेषज्ञों द्वारा कराया जाता है। निदेशक दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि मार्गदर्शन कार्यक्रम के तहत प्रारम्भिक सह मुख्य परीक्षा के प्रशिक्षण सत्र के अन्तर्गत सामान्य अध्ययन की प्रारम्भिक परीक्षा और संस्कृत साहित्य की मुख्य परीक्षा एवं सामान्य अध्ययन मुख्य परीक्षा की अद्यतन पाठ्य सामग्री प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण सत्र के अन्तर्गत सप्ताह में 01 दिन सामाजिक, आर्थिक एवं प्रषासनिक, शैक्षिक कुशलता वाले विद्वान को विशेष व्याख्यान के लिए समय-समय पर आमंत्रित किया जाता है, ताकि अभ्यर्थी इनके अनुभवों एवं सिविल सेवा की तैयारी हेतु प्रेरणा प्राप्त कर सके और अपनी रणनीति को प्रभावशाली बना सकें।

प्रशिक्षण के दौरान सामान्य अध्ययन और संस्कृत साहित्य के विषयों की नियमित कक्षा, साप्ताहिक टेस्ट (प्रा.), और मुख्य परीक्षा हेतु लेखन कौशल विकास के अन्तर्गत चरणबद्ध तरीके से टेस्ट श्रृंखला आयोजित की जाती है। सम्पूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम द्विभाषीय है और अभ्यार्थी को सामान्य अध्ययन के समस्त विषयों को तथा संस्कृत साहित्य के अध्यापन ऑनलाईन एवं ऑफलाईन दोनों माध्यमों से प्रदान किया जा रहा है। समसामयिक विषयों पर साप्ताहिक परिचर्चा के साथ-साथ समसामयिक विषयों की विषयवार द्विभाषीय पाठ्य सामग्री प्रदान की जाती है, ताकि अभ्यर्थी समसामयिक राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय, आर्थिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कला साहित्य और संस्कृत तथा खेलकूद की नवीन घटनाओं के प्रति परिचित हो सकें। आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की व्यवस्था, जिसमें सामाचार पत्र, पत्रिकाएं एवं सिविल सेवा परीक्षा तैयारी हेतु सामान्य अध्ययन, संस्कृत साहित्य के साथ-साथ एनसीईआरटी/एनबीटी/सीएसआईआर इत्यादि की पूरक पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। पुस्तकालय में देश के प्रसिद्ध प्रशिक्षण संस्थानों और विषय विशेषज्ञों के नोट्स भी संग्रहीत हैं ताकि अभ्यर्थी इसका व्यापक लाभ उठा सकें।

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