मायावती ने दी भाजपा-कांग्रेस को नसीहत; डॉ. आंबेडकर के नाम पर न सेकें राजनीतिक रोटी, हमारे भगवान का करें सम्मान

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पर जोरदार प्रहार किया है. उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति न करने की दोनों पार्टियों को नसीहत दी है.
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा-कांग्रेस के लिए जो भी अपने भगवान हों और जिन्हें मानते हों उनसे हमें कोई एतराज नहीं है, लेकिन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का वह पूरा सम्मान करें. उनका अपमान बहुजन समाज पार्टी को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. बीएसपी और संविधान को मानने वालों के लिए डॉ. आंबेडकर ही भगवान हैं.
मायावती ने एक्स पर पोस्ट किया कि ‘कांग्रेस व बीजेपी एण्ड कम्पनी के लोगों को संविधान निर्माता डा. भीमराव आंबेडकर की आड़ में अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने के बजाय इनका पूरा आदर-सम्मान करना चाहिये. इन पार्टियों के लिए इनके जो भी भगवान हैं उनसे पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है. लेकिन दलितों व अन्य उपेक्षितों के लिए एकमात्र इनके भगवान केवल डा. भीमराव आंबेडकर हैं, जिनकी वजह से ही इन वर्गों को जिस दिन संविधान में कानूनी अधिकार मिले हैं तो उसी दिन इन वर्गों को सात जन्मों तक का स्वर्ग मिल गया था.
इसलिए कांग्रेस, बीजेपी का दलित व अन्य उपेक्षितों के प्रति प्रेम विशुद्ध छलावा है. इनसे इन वर्गों का सही हित व कल्याण असंभव है. इनके कार्य दिखावटी ज्यादा, ठोस जनहितैषी कम हैं. बहुजन समाज व इनके महान संतों, गुरुओं, महापुरुषों को समुचित आदर-सम्मान बीएसपी सरकार में ही मिल पाया’.
बता दें कि मंगलवार को लोकसभा में बहस के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों के नेताओं को संविधान को लेकर घेरा था. कहा था कि आंबेडकर नाम फैशन हो गया है. संविधान को हाथ में लेकर घूमते हैं, लेकिन संविधान के बारे में कुछ भी नहीं पता है. आंबेडकर को लेकर इन दिनों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में खूब ठनी हुई है. वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर लेकर लोकसभा के बाहर प्रदर्शन किया था. इसके बाद ही मायावती ने दोनों पार्टियों को नसीहत दी है.



