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एडीएम बताकर लोगो से नौकरी के नाम पर की लाखों की ठगी, बाटे फर्जी नियुक्ति पत्र

संवाददाता ख्वाजा एक्सप्रेस 

 

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने खुद को IAS अधिकारी और अपनी बहन को एसडीएम बताकर चार पीड़ितों से करीब 11 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने आयुक्त एवं सचिव, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र तक जारी कर पीडितों को दे दिए। मामले का खुलासा होने के बाद बारादरी थाना पुलिस ने दोनों बहनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

 

‘ADM FR’ लिखी गाड़ी से रौब, खुद को बताती थी IAS

फाइक एन्क्लेव निवासी प्रीति लायल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात शिखा पाठक से हुई थी। शिखा ने उन्हें बताया कि उसकी बहन डॉ. विप्रा शर्मा SDM है और सरकारी नौकरी लगवाने में सक्षम है।

शिकायत के अनुसार, विप्रा शर्मा खुद को IAS अधिकारी बताती थी और अपनी गाड़ी पर ‘ADM FR उत्तर प्रदेश’ लिखकर प्रभाव जमाती थी। उसने दावा किया कि UPSSSC के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर भर्ती होने वाली है, जिसमें वह पैसे लेकर नियुक्ति दिलवा सकती है।

प्रीति लायल ने यह जानकारी अपने परिचित आदिल खान, संतोष कुमार और मुशाहिद अली को दी। इसके बाद चारों लोग ग्रीन पार्क निवासी विप्रा शर्मा, शिखा शर्मा और उनके पिता वीरेंद्र कुमार शर्मा से मिले। तथा नौकरी के नाम पर 

प्रीति लायल ने 2 लाख, आदिल खान ने 1.80 लाख, मुशाहिद अली ने 5.21 लाख और संतोष कुमार ने 2 लाख रुपये विप्रा के बताए खातों में डाल दिए। कुछ दिन बाद डॉ. विप्रा ने राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ अनुभाग-4 में कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर तैनाती के नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। ये पत्र आयुक्त एवं सचिव के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर बनाए गए थे।

नियुक्ति पत्र मिलने पर शंका हुई तो चारों लोग लखनऊ सचिव कार्यालय पहुंचे। वहां पता चला कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं। आरोप है कि विप्रा शर्मा खुद को IAS बताती है और अपनी गाड़ी पर ‘ADM FR उत्तर प्रदेश’ लिखकर घूमती है।।

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