
पंजाब में भगवंत मान सरकार को बड़ी जीत हासिल हुई है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के विरुद्ध विधानसभा में पारित विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। ऐसे में अब यह विधेयक कानून बन गया है। आप यानी आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली मान सरकार के लिए यह खास उपलब्धि है। सीएम मान ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर जानकारी साझा की है।
सीएम भगवंत मान ने दी पंजाब के लोगों को दी बड़ी जानकारी
आप के सीनियर लीडर और पंजाब के चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के विरुद्ध विधानसभा में पारित विधेयक पर माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया जी ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब यह विधेयक कानून बन गया है। मैं वाहेगुरु जी का अत्यंत आभारी हूं कि उन्होंने मुझ जैसे एक विनम्र व्यक्ति से यह सेवा ली। समस्त संगत का धन्यवाद।’
पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकने के लिए इस कानून को लाया गया है। यह कानून खास तौर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान की रक्षा के लिए बनाया गया है। इसके तहत बेअदबी को गंभीर अपराध माना गया है। दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। लगभग 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अगर कोई साजिश में शामिल है, तो वह भी अपराध माना जाएगा। ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से की गई बेअदबी भी इसमें शामिल है।
भगवंत मान सरकार को मिल सकता है फायदा
गौरतलब है कि पंजाब में बेअदबी के मामलों को लेकर लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक तनाव रहा है। 2015 के मामलों के बाद से कड़े कानून की मांग लगातार उठ रही थी। ऐसे में इस कानून का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं की रक्षा और सामाजिक शांति बनाए रखना है।
भगवंत मान सरकार ने सख्त कानून लाकर यह दिखा दिया है कि वह सिख भावनाओं और धार्मिक सम्मान की रक्षा के लिए गंभीर है। ऐसे में पंजाब के निवासियों में इस कानून को लेकर धार्मिक संवेदनशीलता पर मजबूत संदेश जा सकता है। इससे मान सरकार की राजनीतिक विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। साथ ही पंजाब की राजनीति में धार्मिक मुद्दों का असर खासकर ग्रामीण इलाकों में अधिक होता है। इससे मान सरकार को पंथक समर्थन मिल सकता है।



