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जनसमस्याओं को लेकर सपा का शक्ति प्रदर्शन, जिला मुख्यालय पर गरजे सपाई

आर के भट्ट

कुशीनगर।

महंगाई, बेरोजगारी, नीट पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, खाद-बीज संकट, नीलगायों एवं आवारा पशुओं से किसानों को हो रहे नुकसान, बिजली संकट तथा अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व विधान परिषद सदस्य एवं जिलाध्यक्ष राम अवध यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी जनसमूह उमड़ा। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारों से जिला मुख्यालय गूंज उठा और बाद में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राम अवध यादव ने कहा कि प्रदेश और देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसान विरोधी नीतियों से त्रस्त है। युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है, जबकि किसानों को खाद, बीज और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के हक और सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ती रहेगी।

पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पड़रौना विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र उर्फ मुन्ना यादव ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, जबकि शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और समाजवादी पार्टी उसके संघर्ष की मजबूत आवाज बनेगी।

कुशीनगर विधानसभा से सपा नेता राजेश प्रताप राव ‘बंटी’ ने कहा कि किसानों, नौजवानों और गरीबों की समस्याओं के प्रति सरकार पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। आवारा पशुओं से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, बिजली संकट से जनजीवन प्रभावित है और रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहेगी।

धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष एवं फाजिलनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी इलियास अंसारी, पूर्व प्रत्याशी विजेंद्र पाल उर्फ बबलू यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बजरंगी यादव, जिला पदाधिकारी मारकंडेय त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पूर्व आयोजित यह कार्यक्रम केवल विरोध प्रदर्शन ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी की संगठनात्मक ताकत और चुनावी तैयारी का भी बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।

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