देवरिया रेलवे स्टेशन रोड पर चला बुलडोजर: तीन दशक पुरानी अवैध मछली मंडी जमींदोज, सील किए गए रास्ते
बिना बल प्रयोग खाली कराई गई रेलवे की बेशकीमती जमीन, विरोध के बावजूद नहीं थमी कार्रवाई

- कोर्ट स्टे का कागजात नहीं दिखा सके मछली व्यवसायी, रेलवे ने लोहे के गाटर और वेल्डिंग से की घेराबंदी

गौरव कुशवाहा /देवरिया: शहर के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन रोड पर करीब तीन दशक से काबिज अवैध मछली मंडी पर शुक्रवार को रेलवे प्रशासन का डंडा चल गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर आस मुहम्मद के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने वर्षों से जमे अतिक्रमण को ध्वस्त कर रेलवे की जमीन को मुक्त करा लिया। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका द्वारा पूर्व में की गई नाकाम कोशिशों के विपरीत इस बार रेलवे ने न केवल जमीन खाली कराई, बल्कि उसे भविष्य के लिए पूरी तरह सील भी कर दिया है।
शुक्रवार सुबह अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई से मछली व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। मौके पर आरपीएफ और जीआरपी की भारी तैनाती के कारण अतिक्रमणकारियों को संभलने का मौका नहीं मिला। रेलवे सुरक्षा बल ने बिना किसी बड़े बल प्रयोग के अवैध दुकानों और ढांचों को हटा दिया। कब्जा मुक्त कराने के बाद आईडब्ल्यू शंभू सिंह के निर्देश पर टीम ने जनरेटर और वेल्डिंग मशीन मंगाकर रास्तों पर लोहे की पट्टी और गाटर लगा दिए, ताकि दोबारा कोई अतिक्रमण न हो सके। आईडब्ल्यू ने दो टूक कहा कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
अभियान के दौरान मछली विक्रेताओं के नेता फैजान अहमद उर्फ लाडले ने अधिकारियों के समक्ष तीखा विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का दावा था कि उक्त परिसर से संबंधित मामला न्यायालय में लंबित है और यह कार्रवाई कोर्ट की अवमानना है। हालांकि, मौके पर मौजूद आईडब्ल्यू और आरपीएफ अधिकारियों ने जब स्टे (स्थगन आदेश) या जमीन से संबंधित मालिकाना हक के दस्तावेज मांगे, तो व्यापारी कोई भी ठोस कागज प्रस्तुत नहीं कर सके। कागजात के अभाव में प्रशासन ने दलीलों को दरकिनार करते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की। इधर, व्यापारी नेता लाडले ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ उच्च न्यायालय जाने की बात कही है।

इस बड़ी कार्रवाई को सुनिश्चित करने में आरपीएफ इंस्पेक्टर आस मुहम्मद के साथ जीआरपी प्रभारी अभिषेक कुमार पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक प्रकाश महतो, दिलीप कुमार सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र यादव, शैलेंद्र सिंह, राजन सिंह और महिला कांस्टेबल माया दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा। रेलवे के इस कड़े रुख से अब स्टेशन रोड पर अवैध रूप से दुकान सजाने वाले अन्य अतिक्रमणकारियों में भी खलबली मची हुई है। प्रशासन का स्पष्ट संकेत है कि रेलवे की संपत्तियों पर अब कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



